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हो उदास हो हिन्दीकविता क्यों न्नेह कल होगी फिर नई सुबह अंधेरा ये रात फिर ना हो ना निराश हो.. ना उदास हो.. स्त्री हो बात उजाला स्पर्श इंसानियत ये रात आशा हिन्दी कविता क्या खोया क्या पाया तुम बात ना होकर भी बात हो रही है

Hindi ना हो उदास Poems